देहरादून। विकासनगर उप निबंधक कार्यालय में वर्षों से चल रहे रजिस्ट्री फर्जीवाड़े और स्टांप चोरी के ‘खेल’ पर जिलाधिकारी सचिन बंसल ने उप निबंधक विकासनगर अपूर्वा सिंह के निलंबन की संस्तुति की है। शासन से उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।
पिछले दिनों जिलाधिकारी की छापेमारी एवं शुरुआती जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में सुप्रीम कोर्ट से प्रतिबंधित गोल्डन फारेस्ट की जमीनों की 150 अवैध रजिस्ट्रियां, करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी, वर्षों से दबाकर रखे गए मूल विलेख और संदिग्ध रजिस्ट्री रिकार्ड सामने आए हैं।
जिला प्रशासन अब पूरे प्रकरण को बड़े राजस्व घोटाले और संगठित लापरवाही के रूप में देख रहा है। बता दें कि चार मई को डीएम सविन बंसल ने विकासनगर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में औचक निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय के रिकार्ड, लंबित फाइलों व अभिलेखों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
कार्यालय में वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक सैकड़ों मूल विलेख पत्र डंप हालत में मिले। कई ऐसे दस्तावेज भी मिले, जिन्हें पंजीकरण के बाद महीनों और वर्षों तक कार्यालय में ही रोके रखा गया था। शासन की मंजूरी के बाद उप निबंधक पर निलंबन की कार्रवाई होगी। साथ ही विभागीय जांच में फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जाएगी।
डीएम ने साफ कहा कि राजस्व और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।



