देहरादून ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह है। देहरादून समेत प्रदेशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। इस दौरान खास बात रही कि मुस्लिम समुदाय की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने की मांग की गई। त्याग और बलिदान का प्रतीक ईद-उल-अजहा का पर्व आज मनाया गया। इसे लेकर मुस्लिम समुदाय में उल्लास का माहौल रहा। बुधवार को बाजार में दिनभर खरीदारी हुई। मंडियों में बकरों की दिनभर लोगों ने खरीदारी की। आज सुबह से अलग-अलग समय पर ईद की नमाज की गई। देहरादून में ईद-उल-अजहा की नमाज में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की उठी मांग। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर मांग उठाई। मुस्लिम सेवा संगठन के लोगों ने कहा, सरकार गाय राष्ट्रीय पशु का दर्जा दे।
बकरीद के लिए बुधवार को देहरादून के बाजारों में देर रात तक खासी रौनक देखने को मिली। पलटन बाजार, धामावाला और चकराता रोड स्थित दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कपड़ों, सेवइयों और इत्र की दुकानों पर भी खूब खरीदारी हुई। इसे लेकर शहर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज की तैयारियां पूरी की गई।मुख्य नमाज चकराता रोड स्थित ऐतिहासिक ईदगाह में अदा की गई। जहां हजारों की संख्या में अकीदतमंद जुटे। देहरादून के शहर काजी मुफ्ती हशीम अहमद कासमी की ओर से ईद की नमाज, कुर्बानी और तमाम दीनी अमल शरीअत, सफाई और कानून के दायरे में करने की अपील की गई थी। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के बाद सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और जानवरों के अवशेष खुले स्थानों पर न डाले।
ईद-उल-अजहा आज ऐतिहासिक ईदगाह में हजारों ने पढ़ी नमाज, मुस्लिम संगठन ने की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

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