हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री से करीबी संबंध होने और दुकान आवंटित कराने का झांसा देकर 5.10 लाख रुपये की ठग लिए गए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री से पहचान होने और दुकान आवंटित कराने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। मामले में एक दंपति पर 5.10 लाख की ठगी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी दंपति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ज्वालापुर के सुभाषनगर निवासी सुधीर कुमार सारस्वत ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि वह एक निजी संस्थान में स्टोर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। इसी दौरान उनकी पहचान सहकर्मी विमल कुमार निवासी गोल गुरुद्वारा क्षेत्र, ज्वालापुर से हुई। दोनों परिवारों के बीच घरेलू संबंध बन गए थे। रकम मुख्यमंत्री के पीए तक पहुंचानी है…
आरोप है कि दिसंबर 2020 में विमल कुमार ने उन्हें सेक्टर-2 ज्वालापुर से भगत सिंह चौक तक प्रस्तावित दुकानों में दो दुकानें आवंटित कराने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने मुख्यमंत्री से करीबी संबंध होने का दावा करते हुए पहले 10 हजार रुपये नकद एडवांस लिए। इसके बाद अपनी पत्नी वंदना के साथ मिलकर यह कहते हुए पांच लाख रुपये और मांगे कि रकम मुख्यमंत्री के पीए तक पहुंचानी है। उसने 8 जनवरी 2021 से 4 जनवरी 2022 के बीच ऑनलाइन पेमेंट ऐप के माध्यम से कुल पांच लाख रुपये आरोपी के खाते में भेज दिए। काफी समय बीतने के बाद भी दुकानें नहीं मिलीं। फरवरी 2024 में रुपये वापस मांगने पर दोनों ने पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया और राजनीतिक व पुलिस अधिकारियों से पहचान का हवाला देते हुए झूठे मामले में फंसाने और जान से मरवाने की धमकी दी। कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।



