देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने साफ कर दिया कि प्लान में सिर्फ वही योजनाएं शामिल होंगी जो सीधे जनहित, स्वरोजगार और देहरादून की अर्थव्यवस्था को मजबूती दें।
समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि हर विभाग कम से कम एक अभिनव और स्थायी परियोजना जिला योजना में शामिल करे। साथ ही जो योजनाएं अधूरी पड़ी हैं, उन्हें हर हाल में समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
लापरवाही पर चेतावनी
डीएम डॉ. चौहान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बजट मिलने के बावजूद अगर काम में लेटलतीफी हुई तो कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा ताकि धरातल पर काम दिखे।
जिला योजना के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डीएम ने कहा कि इस राशि का फायदा सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए, न कि फाइलों में अटक कर रह जाए।
फोकस– जनहित, स्वरोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधूरे कामों को पूरा करना।



