चीनी के बढ़ते दाम पर सरकार अंकुश लगाये और आने वाले पिराई सत्र में गन्ने का भाव कम से कम 600/- प्रति क्विन्टल होना चाहिए।
लघु और सीमांत किसानों का कर्जा माफी होना चाहिए, क्योंकि वर्तमान में इनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जब सरकार उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है तो किसानों का क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
किसानों के किसी भी वाहनों पर टोल टैक्स नहीं लगाना चाहिए, चूंकि यदि सरकार सड़क बना रही है तो वो किसानों के खेतों को उजाड़ कर बना रही है।

सरकार द्वारा जितने टोल प्लाजा खोले जाते हैं उनकी समय सीमा भी तय कर जनता को बतानी चाहिए। समय सीमा खत्म होने पर टोल बन्द किये जाने चाहिए। आज तक जितने भी टोल प्लाजा बने हैं वो कोई भी बन्द नहीं किये गये हैं, ये एक सरकार द्वारा लूट है। एक आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही है।
26 जनवरी 15 अगस्त को किसान और किसान संगठन तिरंगा यात्रा निकालते हैं, उनके पास वाहन के नाम पर बाइक ट्रेक्टर भी होते हैं, तो उनको नहीं जाना चाहिए। ट्रेक्टर के साथ यात्रा रोक दी जाती है, जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता किसान यदि ट्रेक्टर के साथ तिरंगा यात्रा नहीं निकालेगा तो कैसे निकालेगा।
सरकार सड़कें बना रही है, वो एक विकास कार्य है, लेकिन उसके साथ-साथ पर्यावरण पर ध्यान नहीं दे रही है। पेड़ काटकर सड़क बना रहे हैं और किसी भी सड़क पर पेड़ लगाये नहीं जाते हैं, जो कि पर्यावरण के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
एथेनॉल 20 प्रतिशत को आम नागरिक पर जबरदस्ती थोपा नहीं जाना चाहिए, उसका विकल्प अनिवार्य होना चाहिए।




