रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान (77) को एक और सजा हुई है। शनिवार दोपहर हेट स्पीच मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को 2 साल की सजा सुनाई है। हेट स्पीच का यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव का था। उस समय आजम रामपुर से सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी थे।
चुनाव प्रचार के दौरान आजम का वीडियो सामने आया, जिसमें वे कह रहे थे-
” सब डटे रहो, कलेक्टर-फलेक्टर से मत डरियो, ये तनखैया हैं, हम इनसे नहीं डरते। देखा है मायावती के कई फोटो। कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ करते रहे हैं। उन्हीं से गठबंधन है, उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे अल्लाह ने चाहा तो…।
उस समय रामपुर के डीएम आन्जनेय कुमार सिंह थे, जो अब मुरादाबाद के कमिश्नर हैं। उनके निर्देश पर तब के टांडा एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने थाना भोट में आजम खान के खिलाफ हेट स्पीच की एफआईआर दर्ज कराई थी। 6 साल बाद अब इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
आजम खान और उनका बेटा अब्दुल्ला रामपुर जेल में बंद है। कोर्ट ने दोनों को फर्जी पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई थी। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही आजम कोर्ट की सुनवाई में शामिल हुए।
आजम खान की सजा पर मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने कहा-
” रामपुर का डीएम रहते हुए मैं ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभा रहा था। चुनाव के दौरान वहां जो हुआ और रामपुर कलेक्टर के बारे में जो कहा गया, वह सब पहले से पब्लिक डोमेन में है। अब इस मामले में कोर्ट का भी फैसला आ चुका है। एक लोकसेवक के तौर पर इस पर कोई टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं होगा।
पिछले साल 55 दिन के लिए जेल से बाहर आए थे आजम 2022 में भड़काऊ भाषण (हेट स्पीच) के मामले में आजम को 3 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 2023 में इसी मामले में बरी हो गए थे। इसके बाद 2023 में बेटे अब्दुल्ला आजम के फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे को 7-7 साल की सजा हुई।
इस सजा के चलते उनकी विधायकी भी चली गई। करीब 23 महीने जेल में रहने के बाद 23 सितंबर, 2025 को जमानत पर सीतापुर जेल से बाहर आए थे। हालांकि, 55 दिन बाद ही बेटे अब्दुल्ला के फर्जी पैन कार्ड मामले में उन्हें फिर से 7 साल की सजा हुई। उन्हें बेटे के साथ दोबारा जेल भेज दिया गया।



