उत्तराखंड में नकली दवाओं के ऑनलाइन कारोबार के भंडाफोड़ के बाद एसटीएफ और औषधि प्रशासन विभाग आमने-सामने आ गए हैं। एसटीएफ ने जिन फैक्टरियों पर कार्रवाई की औषधि प्रशासन उनके बचाव में आ गया है। सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सुधीर कुमार ने एसटीएफ की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच के दौरान संबंधित फैक्टरियों में कोई भी गलत सामग्री या अवैध गतिविधियां नहीं मिली हैं।
बता दें कि एक दिन पहले एसटीएफ ने नकली दवाओं के ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी गौरव त्यागी ने खुलासा किया था कि वह अपने भाई मयंक उर्फ मोंटी के साथ मिलकर हरिद्वार के भगवानपुर स्थित फैक्टरी में विभिन्न ब्रांड की नकली दवाएं तैयार कराता था।
दरअसल, एक दिन पहले एसटीएफ ने नकली दवाओं के ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी गौरव त्यागी ने खुलासा किया था कि वह अपने भाई मयंक उर्फ मोंटी के साथ मिलकर हरिद्वार के भगवानपुर स्थित फैक्टरी में विभिन्न ब्रांड की नकली दवाएं तैयार कराता था।
आरोपियों ने फेसबुक पर एसके हेल्थकेयर नाम से पेज बनाकर ब्रांडेड दवाओं को बेहद कम कीमतों पर बेचने का नेटवर्क तैयार किया था। एसटीएफ ने पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर संबंधित फैक्टरी पर छापा मारकर जांच की। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने साफ कहा है कि भगवानपुर स्थित नकली दवा बनाने वाली फैक्टरी पर प्रभावी कार्रवाई न होने की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
बता दें कि उत्तराखंड में दो विभागों के बीच टकराव का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले आबकारी विभाग और जिला प्रशासन के बीच शराब के ठेके पर भी विवाद हो चुका है। जिला प्रशासन की कार्रवाई के विरुद्ध जाकर आबकारी विभाग ने ठेका खुलवा दिया था।
एसटीएफ की टीम के साथ दोनों जगह हमारे ड्रग इंस्पेक्टर गए थे। कोटद्वार में ड्रग इंसपेक्टर का कहना है कि वहां कुछ भी नहीं मिला। रॉ मैटेरियल रखा था एसटीएफ ने उसका शक के आधार पर सैंपल लिया है। हरिद्वार में भी फैक्टरी में कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली है। फैक्टरी पूरी तरह वैध है और 2023 में लाइसेंस लेकर दवा बना रही है। हमारी टीम से इनपुट मिले हैं कि एसटीएफ को वहां भी कुछ नहीं मिला।
– डॉ. सुधीर कुमार, सहायक औषधि नियंत्रक, उत्तराखंड
किसी भी तरह की सैंपलिंग और सर्चिंग के लिए औषधि निरीक्षक ही कानूनी रूप से अधिकृत रहते हैं। एसटीएफ ने दोनों स्थानों पर कार्रवाई से पहले विधि सम्मत सूचना दी थी। कोटद्वार सिडकुल में नियमानुसार कार्रवाई करके फैक्टरी को सील कर दिया गया है। यहां भारी मात्रा में दवा बनाने की सामग्री मिली है। दूसरी जगह कार्रवाई नहीं हो पाई। इस संबंध में प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है और नियमानुसार शासन को पत्राचार किया जाएगा।
– अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ



